वाराणसी। प्रतिभाशाली बालक कौटिल्य पंडित समेत 50बटुकों के यज्ञोपवीत की रस्म शुक्रवार की सुबह शंकराचार्य घाट पर मंत्रोच्चार के साथ पूरी हुई। गंगा तट पर हवन, ब्रह्मोपदेश के अलावा धर्म की रक्षा के बारे में जानकारी दे कर यज्ञोपवीत धारण कराया गया।
हरियाणा के इस बालक को उसकी मेधा के चलते गूगल ब्वाय के नाम से जाना जाता है। शंकराचार्य घाट पर गंगा सेवा अभियानम के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मौजूदगी में कौटिल्य पंडित के यज्ञोपवीत संस्कार की रस्म पूरी हुई। वेदमूर्ति वी कृष्णमूर्ति घनपाठी के आचार्यत्व में मुंडन, गंगा स्नान, होम, मौली धारण के बाद यज्ञोपवीत कराया गया।
पिता सतीश शर्मा के साथ कौटिल्य ने अनुष्ठान पूरा किया। इस दौरान उसकी मां सुमिता शर्मा और दादा जयकिशन शर्मा भी उपस्थित थे। हरियाणा के खरहर जिला स्थित झज्झर गांव मैं जन्मे बालक कौटिल्य को देखने के लिए घाट पर भीड़ लगी रही।
सैकड़ों महिलाएं घाटों की सीढि़यों पर इस रस्म की साक्षी बनीं। चंडीगढ़ के पंचकुला स्थित भवन विद्यालय में दूसरी कक्षा के छात्र सात वर्षीय कौटिल्य से लोग सवाल करने और बात करने के लिए भी आतुर दिखे। यज्ञोपवीत के बाद बालक ने वहां संतों का आशीर्वाद लिया। कौटिल्य ने बीते दिनों हरिद्वार में द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद से दीक्षा ली थी।