वाराणसी जिले के सुंदरपुर इलाके में नर्सिंग छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्रा पांच दिन पहले चंदौली से वाराणसी नौकरी करने आई थी और अपनी सहेली के साथ किराए के मकान में रुकी थी। मकान मालिक की सूचना पर पहुंची चितईपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने छानबीन की। पुलिस के अनुसार मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है।
यह है मामला
चंदौली के सकलडीहा थाना क्षेत्र के पौरा गांव निवासी दीपिका मौर्य (25) सकलडीहा स्थित एक नर्सिंग कालेज में तीसरे वर्ष की छात्रा थी। पांच दिन पहले चितईपुर स्थित एक निजी अस्पताल में नौकरी करने के लिए अपनी सहेली नरगिस के यहां सुंदरपुर के कर्मजीतपुर स्थित कमरे पर रहने आई। सहेली नरगिस की एक अस्पताल में रात की ड्यूटी थी और दीपिका कमरे में अकेली थी। सुबह जब नरगिस अपने कमरे पर पहुंची तो दरवाजा नहीं खुला। इस पर रोशनदान से झांका तो दीपिका पंखे की कुंडी में दुपट्टे से फंदे पर लटकी हुई थी।
सूचना पर पिता लल्लू मौर्य भी परिजनों के साथ पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि वह पांच दिन पहले काफी खुश होकर शहर में नौकरी करने आई थी। चितईपुर थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। छात्रा के मोबाइल को भी कब्जे में लेकर छानबीन की जा रही है।
युवक ने फंदा लगाकर की खुदकुशी
चोलापुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। जगदीशपुर निवासी रोशन अली उर्फ सनी (24) रात में परिजनों के साथ खाना खाया और अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह देर तक नहीं उठने पर परिजन उसे जगाने पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार दरवाजा खटखटाने पर नहीं खुला तो खिड़की से देखा तो रोशन अली पंखे की कुंडी में मफलर का फंदा बनाकर लटका था। दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आत्महत्या करने के पीछे वजह कुछ भी नहीं है।