शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए करसड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को एनटीपीसी की मदद से शुरू कराया जाएगा। नगर निगम और एटूजेड कंपनी के बीच गतिरोध और मुकदमेबाजी के चलते इस प्लांट को अब तक चालू नहीं कराया जा सका है। शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में कहा कि एनटीपीसी की मदद से करसड़ा प्लांट को शुरू कराने के प्रयासों का कोई असर नगर निगम और एटूजेड के मुकदमे पर न पड़ने पाए, इसका भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए हमारी प्राथमिकता को प्लांट को चालू कराने की है। इसके लिए नगर विकास विभाग के सचिव से अभी बात हुई है और वे तैयार हैं।
यह भी बताया कि रमना में ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। नगर निगम वहां कचरा गिराने के बाद मिट्टी डालकर पौधरोपण कराएगा और वहां की सड़क बनवाएगा। यह काम एक हफ्ते में शुरू हो जाएगा। प्रवीण प्रकाश ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 32 करोड़, जेएनएनयूआरएम के तहत स्वच्छ काशी के लिए आठ करोड़ और दो करोड़ रुपये अन्य मद में पड़े हैं। नगर निगम एक सप्ताह में कार्ययोजना बना कर राज्य सरकार को दे। वहां से प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय आते ही एक पखवारे में धन जारी कर दिया जाएगा।
यह भी बताया कि गंगा किनारे के 14 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए मंगलवार को सीएसआर के तहत एनटीपीसी और नगर निगम के बीच करार हुआ है। इसके तहत 10 करोड़ रुपये मिले हैं और 20 करोड़ पहले मिल चुके हैं। इन वार्डों में एक मई से आईएलएफएस संस्था सफाई का काम शुरू करा देगी। इससे नगर निगम को 400 सफाई कर्मियों की बचत होगी, जिनका उपयोग दूसरे वार्डों में किया जाएगा। अक्तूबर तक प्रत्येक वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू करा दिया जाएगा। इसके अलावा पांच करोड़ रुपये से घाटों की सफाई का टेंडर नगर निगम एक सप्ताह में कराएगा। इसके तहत घाट और उसके 100 मीटर के दायरे में चौबीसों घंटे सफाई की व्यवस्था होगी। अमृत के तहत पीने के पानी व सीवेज संबंधी व्यवस्था के लिए 160 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।