बनेगा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का थ्रीडी मॉडल
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अप्रवासियों के दिलों में बसे भारत को काशी में ही दिखाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए देश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी स्थापित किया जाएगा। वाराणसी के प्रमुख चौराहों और स्थानों पर भी स्मारकों के जरिए मिनी इंडिया का लुक दिया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली की टीम की मदद से ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का थ्री डी मॉडल तैयार कराया जा रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न आयोजन स्थलों को मिनी इंडिया में तब्दील किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अप्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए काशी को नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के आह्वान के बाद इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
21 से 23 जनवरी 2019 को होने वाले अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में सात हजार से ज्यादा अप्रवासी काशी आएंगे। तीन दिन तक काशी प्रवास के दौरान अप्रवासियों के मन में भारत की खूबसूरत छवि बनाने के लिए यहां मिनी इंडिया बसाया जाएगा।
इसमें संसद भवन, लाल किला, इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, बाबा विश्वनाथ मंदिर, गंगोत्री सहित ऐसी ऐतिहासिक और धार्मिक महात्म्य को आयोजन स्थल पर बसाया जाएगा। उसकी बेहतर अनुभूति के लिए इसका थ्री डी मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे लोगों को इन स्थानों का वास्तविक अनुभव हो सके।