कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण घोषणा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को पेंशन एजेंट के रूप में नियुक्त करने को लेकर थी। सरकार अब एफपीओ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पेंशन योजनाएं पहुंचाएगी। इसके लिए पीओपी को प्रति नामांकन 100 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। सम उन्नति फाउंडेशन के अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को एनपीएस के जरिये सहारे की गारंटी दी जाएगी।
महिलाओं की आयु, पुरुषों से पांच साल ज्यादा
नाबार्ड गाजीपुर के डीडीएम सुशील कुमार ने कहा कि महिलाओं की औसत आयु पुरुषों से 5-10 वर्ष अधिक होती है, इसलिए उनके लिए पेंशन की आवश्यकता सबसे अधिक है। वात्सल्य पेंशन योजना से अब बच्चों के भविष्य को पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकता है।