लापरवाह एवं कार्य न करने वाले रोजगार सेवकों को एक सप्ताह में चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। यह निर्देश शनिवार को कमिश्नरी में हुई विकास कार्यों की बैठक में डीएम विजय किरन आनंद ने दिया। साथ ही डीएम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को प्रतिमाह अपने अपने गांव में मनरेगा से एक लाख रुपये खर्च करने का लक्ष्य दिया।
बैठक में डीएम ने गांवों में रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों को तय समय सीमा में बैठक कर समस्या सुनने और उसका निस्तारण करने को कहा। डीएम ने कहा कि ये कर्मचारी गांव में नहीं जा रहे हैं। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सामंजस्य बनाकर गांवों में नियमित उपस्थित रहने और समस्याएं सुनने को कहा। पूर्व में दिए निर्देश के बाद भी सुधार नहीं दिखने पर डीएम ने नोडल अधिकारियों को चेतावनी दी। उपायुक्त मनरेगा को जॉब कार्ड और रजिस्टर उपलब्ध कराने को कहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम सभाओं के स्वच्छता पर जोर दिया। इसके लिए बेहतर प्रयास करने को कहा। बैठक में सीडीओ हुबलाल के अलावा अन्य अधिकारी शामिल रहे।