बभनियांव में खोदाई का काम साल 2020 में शुरू हुआ था। यहां पर कुल 7 ट्रेंच (गड्ढे) बनाए गए हैं, जिनमें से पहले ट्रेंच में गुप्तकालीन शिव मंदिर पाया गया था। वहीं इसमें कुषाण कालीन शिवलिंग मौजूद है। शिवलिंग में जटा, आंख और नांक बना हुआ है। यहां पर वैदिक काल से लेकर गुप्तकालीन वस्तुएं पाईं गईं थी।
बभनियांव पहुंचकर उत्खनन से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा करते को प्रोफेसरों की टीम ।
- फोटो : अमर उजाला
प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस बार उत्खनन में मुख्यतः एकमुखी शिवलिंग परिसर के पूर्ण स्वरूप और पुरास्थल पर विभिन्न कालों की प्राचीन आवासीय संरचनाओं के बारे में विस्तार से जानना है। इसके साथ ही पुरास्थल पर स्थित ताम्र पाषाण कालीन अवशेषों के विषय में भी शोधपरक जानकारियां जुटाना है। बता दें कि यहां पर कई अभिलेखों और असंख्य मूर्तियां मिलीं थीं, जिसमें चौसठयोगिनी की मूर्ति भी शामिल है।