प्रधान डाकघर कैंट में प्रदर्शन करते खाताधारक
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खातों से जालसाजी कर रुपये निकालने की घटना के बाद इस व्यवस्था को लागू किया गया है। इसमें सभी को लेन-देन की सूचना मोबाइल पर तुरंत मिल सकेगी।
प्रणव कुमार, पोस्टमास्टर जनरल
क्या हुई थी घटना
बनारस में 28 अगस्त को ही प्रधान डाकघर कैंट से खाताधारकों के खातों से जालसाजी कर रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया था। धीरे-धीरे शिकायतकर्ताओं की संख्या 900 के करीब पहुंच गई और पांच करोड़ से अधिक की जालसाजी की पुष्टि भी हो चुकी है। चार महीने बाद भी अब तक जांच ही चल रही है, खाताधारकों के रुपये कब लौटाए जाएंगे, इस बारे में भी कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।
यह भी जानना जरूरी
- डाकघर के किसी भी योजना में काउंटर पर पैसे जमा करने के बाद रसीद जरूर लें।
- समय-समय पर पासबुक को अपडेट कराते रहे
- नमूना हस्ताक्षर वाला चेक पासबुक में न रखें
- अपने आरडी, एमआईएस खातों को बचत खाते से लिंक कराए
- पासबुक पर प्रिंटर से जरूर अपडेट कराएं, लिखा हुआ विवरण न स्वीकारें