शाही नाले का काम तीन भागों में बांटकर कराया गया। पहले भाग में लहुराबीर चौराहे से कबीर मठ तिराहे की ओर करीब 125 मीटर लंबाई में काम हुआ। इसके बाद दूसरे भाग में कबीर मठ तिराहे तक करीब 600 मीटर और तीसरे भाग में कबीर मठ तिराहे से शाही नाले (कबीरचौरा अस्पताल) तक करीब 220 मीटर सीवर पाइप डालने का काम कराया गया है। शाही नाले पर जहां एक ओर जल निगम नाले की सफाई का काम करा रहा है, वहीं दूसरी ओर गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई शाही नाले को नई सीवर लाइन से जोड़ने का काम कराया है।
शाही नाले के जीर्णोद्धार का कार्य जल निगम ग्रामीण की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक संजय बर्मन ने बताया कि शाही नाला जीर्णोद्धार के दौरान छित्तनपुरा में एक घर के अंदर शाही नाले का मैनहोल मिल गया है। जिसकी सफाई करने की तैयारी है।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक एसके रंजन ने कहा कि शाही नाले से जोड़ने का काम पूरा हो चुका है, इससे शाही नाले पर सीवर का अतिरिक्त दबाव कम होगा और गंगा में सीवर नहीं जाएगा।