Varanasi News: नए नियमों के तहत अब कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा गया तो उस पर 25000 रुपये जुर्माना लगेगा। साथ ही वाहन मालिक का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और तीन साल की जेल भी हो सकती है। जबकि यही जुर्माना पहले तीन हजार रुपये था।
प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर भी अब ड्राइविंग टेस्ट के बाद लाइसेंस जारी कर सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपने नियमों में संशोधन किया है। एक जून से नियम बदल जाएंगे। अभी तक केवल करौंदी स्थित आईटीआई परिसर में बने ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में टेस्ट होता है।
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प्राइवेट ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों पर लोग ड्राइविंग का टेस्ट दे सकते हैं। सरकार इन प्रशिक्षण केंद्रों को ड्राइविंग का टेस्ट पास करने वालों को सर्टिफिकेट जारी करने के लिए अधिकृत करेगी। हालांकि सर्टिफिकेट जारी होने के बाद दस्तावेज और वेरिफिकेशन के लिए आईटीआई परिसर में बने ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में जाना होगा। नए नियमों के तहत अगर कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसका लाइसेंस 25 साल की आयु पूरी होने तक नहीं बनेगा।
प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए नियम
प्रशिक्षण केंद्र के पास कम से कम एक एकड़ भूमि होनी चाहिए। जो ट्रेनर्स ट्रेनिंग लेंगे उनके पास कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव, बायोमेट्रिक्स और आईटी सिस्टम की जानकारी होनी चाहिए।
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बोले अधिकारी
जो भी प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर्स इसके लिए अप्लाई करेंगे। उन स्कूलों की जांच की जाएंगी अगर उनके पास मानक पूरे होंगे। तो वे सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। - सर्वेश कुमार चतुर्वेदी, एआरटीओ (प्रशासन), वाराणसी।