हाइब्रिड स्मार्ट ग्रिड सिस्टम
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इस बोर्ड में एक स्विच 19.5 वोल्ट और दूसरा 5 वोल्ट का होगा। इसे जरूरत के लिहाज से बढ़ाया जा सकेगा। प्रो. आरके सिंह ने बताया कि कन्वर्टर को ग्रिड, सौर ऊर्जा और बैटरी तीनों से जोड़ा गया है। ताकि किसी भी हाल में ऊर्जा की आपूर्ति ठप ना हो। सौर ऊर्जा ना मिलने पर ये बिजली से चलेगा। बिजली न होने पर बैटरी से। प्रो. सिंह ने बताया कि इस सिस्टम की शुरुआत प्रयोग के तौर पर संस्थान की लाइब्रेरी में कर दी गई है।
हाइब्रिड स्मार्ट ग्रिड को आईओटी बेस्ड बनाया गया है। इसके लिए एप भी तैयार किया गया है। इसे फोन या लैपटॉप में डाउनलोड कर कंट्रोल भी किया जा सकता है। यानी इससे जुड़े पंखे, बल्ब, मोबाइल चार्जर या अन्य किसी संचालित वस्तु को फोन से ऑन ऑफ किया जा सकेगा। कोई अगर घर से बाहर है और पंखा बंद करना भूल गया है तो फोन से जरिये इसे बंद किया जा सकेगा। इसमें स्मार्ट स्विच लगाए गए हैं।
हाइब्रिड स्मार्ट ग्रिड में अलार्म भी लगाया गया है। अगर कहीं शॉट सर्किट हुआ या कोई अन्य तकनीकी समस्या आने पर अलार्म बजेगा। यही नहीं कन्वर्टर ने कहां से कितनी ऊर्जा ले ली है, कितनी ऊर्जा खत्म हुई है, इसकी भी जानकारी देगा।