पहले होटलों के अवैध कब्जे टूटेंगे फिर अतिक्रमण की जद में आने वाले रिहायशी मकानों का हिस्सा तोड़ा जाएगा। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर में बाधक बने 762 अवैध निर्माणों को तोड़ने की शुरुआत जल्द होगी। इस बारे में डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। जल्द ही वरुणा किनारे के अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे।
पहले होटलों के बड़े अतिक्रमण तोड़ेंगे, बाद में दूसरों के कब्जे हटाए जाएंगे। उधर, शनिवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों की टीम ने शास्त्री पुल से गोफाबीर मंदिर तक निरीक्षण कर सिंचाई विभाग से कार्ययोजना विवरण मांगा है।
दरअसल जहां तक जमीन खाली थी, सिंचाई विभाग ने काम पूरा कर लिया है। आगे होटल की तरफ निर्माण कराया जा रहा है तो अवैध निर्माण बाधक बन रहे हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों ने डीएम को दी। इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ल को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सौंपी।
अब आदिकेशव घाट से लेकर डीएम बंगले तक 10 किमी दायरे में आने वाले बड़े होटलों के अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। इस कार्रवाई में प्रशासन के अलावा वीडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। उधर, बीएचयू आईआईटी की टीम ने भी मौके का जायजा लिया। टीम में प्रो. प्रभात कुमार सिंह, प्रो. एसडी प्रसाद, प्रो. अरुण प्रसाद, एसोसिएट प्रोफेसर पीबी रामूडू शामिल रहे। सिंचाई विभाग की ओर से मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह, आलोक जैन, एसएन पांडेय ने कॉरिडोर के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी दी।
बताया कि दलदली जमीन होने के चलते दिक्कत आ रही है। इसके लिए मुंबई से एक मशीन मंगाई गई है जो उन स्थानों पर काम करेगी जहां जेसीबी या अन्य उपकरण नहीं जा पा रहे हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि बीएचयू के विशेषज्ञों की राय ली जा रही है ताकि और बेहतर काम किया जा सके।