चौपाल में जनसमस्याओं की अनदेखी पर अधिकारियों को हिदायत देते जिलाधिकारी विजय किरन आनंद।
सारनाथ में खस्ताहाल सीवर व्यवस्था के लिए जिम्मेदार गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के वेतन भुगतान पर डीएम विजय किरन आनंद ने रोक दी है। साथ ही, इकाई के अभियंताओं को क्षेत्र भ्रमण कर मुकम्मल कार्ययोजना के साथ अपने कार्यालय में तलब किया है। शनिवार को महाबोधि इंटर कॉलेज में आयोजित जनचौपाल में डीएम ने कूड़ा उठान नहीं होने पर दो सफाई कर्मचारी प्रदीप कुमार और पीर मोहम्मद की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया। सफाई निरीक्षकों को भी फटकार लगाई।
15 लेखपालों की टीम बनाकर निर्देश दिया कि बाइक से सारनाथ इलाके का भ्रमण करें और पूरे क्षेत्र में सफाई के मौजूदा हालात की रिपोर्ट दें। इसके आधार पर सफाई निरीक्षक और जोनल सुपरवाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, जनचौपाल में डीएम ने जनता से पूछा कि सीवर व्यवस्था ठीक है।
सारनाथ, मवईयां, खजुही, बेनीपुर, परशुपुर, नवापुरा, सिंहपुर, अशोक विहार कॉलोनी सहित आसपास के अन्य स्थानों से आए सैकड़ों लोगों ने एक स्वर में कहा, नहीं। इस पर नाराज डीएम ने सीवर व्यवस्था के लिए जिम्मेदार गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई। कहा कि, आज ही क्षेत्र भ्रमण कर विस्तृत कार्ययोजना के साथ शाम को डीएम कार्यालय में रिपोर्ट करें।
जनचौपाल में आए कियाना एजेेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि सारनाथ क्षेत्र में एजेंसी 15 जून से डोर टू डोर कूड़ा उठान शुरू करा देगी। इस पर डीएम ने एसीएम चतुर्थ रामशिरोमणि को जिम्मेदारी दी कि 17-18 जून को क्षेत्र में अपनी टीम के साथ भ्रमण कर रिपोर्ट देंगे। नगर निगम की लचर कार्यशैली पर भी डीएम नाराज दिखे। निर्देशों का पालन नहीं होने पर मुख्य कर अधिकारी महातम यादव को फटकार लगाई। अशोक विहार कॅालोनी में तीन माह से खुदाई के बाद भी सड़क दुरुस्त न कराने पर कड़ी नाराजगी जताई। सड़क, बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी।