कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को न्यूनतम सीख भी न दे पाने के कारण चोलापुर ब्लॉक के 30 संकुल शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने शिक्षकों के वार्षिक वेतन वृद्धि को स्थाई रूप से रोकने की चेतावनी दी है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
बीते दिनों संकुल शिक्षक के दायित्व से सामूहिक रूप से इस्तीफा देने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सभी शिक्षण संकुलों ने अपने कार्यरत विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए गोद लिया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक शिक्षण संकुल का दायित्व निभाते हुए अपने विद्यालय पर शिक्षण कार्य करते हैं।
दिसंबर 2023 में डायट प्रशिक्षुओं के जरिये कराए गए सर्वे में चोलापुर ब्लॉक के बेला, परानापट्टी, छित्तमपुर, परानापुर, चोलापुर, गरसड़ा, टेकुरी, उगापुर, हरिहरपुर, राजवारी, टेकुरी, मुनारी समेत 30 विद्यालय निपुण नहीं पाए। जब विद्यालय निपुण नहीं हो पाए तो शिक्षकों ने अपने दायित्व से मुक्त होने के लिए त्यागपत्र दे दिया है। इस पर बीएसए ने इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही जुलाई की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी दी है।
चुनाव आचार संहिता उल्लंघन में फंसी 16 शिक्षिकाएं
चुनाव आचार संहिता के दौरान 24 मई को वीमेन वेलफेयर की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य के कार्यक्रम में शामिल होने वाली 16 शिक्षिकाओं को पहला नोटिस जारी किया गया है। बीएसए डॉ. अरविंद पाठक ने विभाग की अनुमति के बिना आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में शिक्षिकाओं को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर बताया था कि यह कार्यक्रम बिना अनुमति के हुआ था। इसमें अंकिता श्रीवास्तव, छवि अग्रवाल, आराधना दुबे, सरिता राय, शीला यादव, नीलम राय, नीलू त्रिपाठी, मनीषा प्रसाद, पियाली मुखर्जी, सोनी सोनकर, रुचि सिंह, आरती गुप्ता, सरला मौर्या, हेमा वर्मा, प्रीति सिंह, संगीता सिंह शामिल हुईं थीं।