सपा से निष्कासित राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से उनके राजनीतिक रिश्ते अब खत्म हो चुके हैं। मुलायम ने उन्हें छोड़ दिया है। उन्हें पार्टी के लिए संबंध छोड़ने पड़े तो मुझे संबंधों के कारण ही पार्टी से अलग होना पड़ा। बोले, मुलायम सिंह अगर अखिलेश को अध्यक्ष मानने को तैयार थे तो उन्हें चुनाव आयोग नहीं जाना चाहिए था। मुलायम अब अखिलेशवादी हो गए हैं। मुलायम सिंह और शिवपाल यादव अब सपा के साधारण सदस्य हैं। दोनों ने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के नेतृत्व में काम करना स्वीकार कर लिया है। रविवार को गढ़वा घाट आश्रम में स्वामी हरिज्ञानानंद उर्फ मलिकार बाबा के त्रयोदशा कार्यक्रम में भाग लेने आए अमर सिंह ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में यह बातें कहीं।
बातचीत में मुलायम सिंह पर हमलावर रहे अमर सिंह ने खुलासा किया कि पार्टी में विवाद के दौरान वह मुलायम सिंह के निर्देश पर ही लंदन गए थे। आजम खान के कहने पर मुलायम ने उन्हें इसके लिए कहा था। आजम ने मुलायम को बताया था कि अमर की वजह से विवाद बढ़ रहा है। 27 जनवरी को अमर सिंह अपना जन्मदिन मनाने के बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए फिर लंदन चले जाएंगे।
कहा, पार्टी के विवाद में अंत तक मुलायम के साथ थे। मुलायम का दायित्व था कि मेरे लिए भी अखिलेश से बात करते। बोले, अगर अंबिका चौधरी की तरह और नेता बसपा और भाजपा में शामिल होने लगे तो परेशानी होगी। अभी सूची मात्र से आकलन ठीक नहीं है। मुलायम सिंह पर भी काफी कुछ निर्भर रहेगा। वह अखिलेश की सभा में जाते हैं या नहीं। फिलहाल, सपा का हाल दिल के टुकड़े हजार हुए वाला है। भाजपा या किसी अन्य दल में जाने के बारे में साफ कहा- मैं अब छुट्टा सांड़ की तरह हूं, जहां हरियाली दिखेगी वहां चरूंगा।