सभी बच्चे की खोज करने लगे। सोमवार की सुबह वंदना के पति ने मुबारकपुर थाने में बच्चे के गायब होने की शिकायत की। पुलिस ने मंगलवार देर रात बच्चे को पड़ोसी बबलू कुमार सिंह के घर से ढूंढ निकाला।
पहले तो बबलू के परिवारवाले बच्चे को अपना बता रहे थे लेकिन कड़ाई से पूछताछ में मामला सामने आ गया। बबलू सिंह को कोई औलाद नहीं थी। इसलिए उसके भतीजे रोशन सिंह ने वंदना के बच्चे को चुराकर चाचा को दे दिया।
जांच पड़ताल के बाद बच्चा वंदना और जयराम के हवाले कर दिया। वहीं जयराम की तहरीर पर मुकदमा भी पंजीकृत कर लिया। बुधवार की सुबह मुबारकपुर पुलिस ने गांव से ही रोशन और बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
बच्चा चोरी मामले में गिरफ्तार रोशन सिंह ने बताया कि उसके चाचा की शादी को 18 साल हो गए थे, पर उन्हें कोई औलाद नहीं थी। इससे चाचा-चाची काफी निराश रहते थे। इसी वजह से उसने बच्चा चोरी किया। जयराम के घर से बच्चा चोरी करने के बाद उसे लेकर वह गांव के बाहर ट्यूबवेल पर पहुंचा जहां बहन और बहनोई को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद बच्चे को लेकर जीयनपुर स्थित एक मैटरनिटी होम पहुंचा जहां बहन-बहनोई के साथ ही चाचा-चाची व फुफेरा भाई भी आ गए। वहीं से चाची को बच्चा होने की बात सभी रिश्तेदारों, संबंधियों और गांव में बताई गई।