केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में आंदोलित किसानों के समर्थन में गणतंत्र दिवस पर जिले में जगह-जगह ट्रैक्टर रैली निकालने का प्रयास किया गया। इस दौरान सपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं के साथ पुलिसकर्मियों की नोकझोंक हुई। इसके साथ ही सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के 85 नेताओं को नजरबंद कर पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
गणतंत्र दिवस पर जिले में ट्रैक्टर रैली की आशंका के मद्देनजर पुलिस 25 जनवरी की आधी रात बाद से ही अलर्ट मोड में थी। गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री का संसदीय कार्यालय कड़ी सुरक्षा घेरे में रहा। कलेक्ट्रेट, कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहा, बीएचयू गेट और शहर के अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
इस दौरान सपा की पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शालिनी यादव, सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, सुभासपा के विधायक कैलाश सोनकर आदि नेताओं को रैली और जुलूस निकालने से रोक कर पुलिस की निगरानी में उनके घर भिजवाया गया।
पुलिस की बात न मानने पर जिले भर में 17 ट्रैक्टर भी सीज किए गए। इस बीच सुबह से ही पुलिसकर्मी जुलूस और प्रदर्शन की सूचना पर इधर से उधर भागते रहे और शाम होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।