जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल (एशियाड) में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव के घर तक पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता ग्रामीणों ने खुद तैयार किया है। कल तक यहां पगडंडी थी। रास्ता बनने के बाद अब दोपहिया और चार पहिया वाहन उनके घर तक पहुंच सकते हैं। भुवनेश्वर में शानदार प्रदर्शन करके देश के नंबर एक थ्रोअर बनने की खबर के दौरान अमर उजाला ने उनके घर तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने की समस्या को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया।
बरसात से पहले रोहित के पिता ने कच्ची सड़क पर मिट्टी डलवाई थी। फिर भी रास्ता आने-जाने लायक नहीं था। बृहस्पतिवार को मजदूरों के साथ ग्रामीणों ने खुद से कच्चा रास्ता बना दिया। अब जेवलिंग थ्रोवर रोहित यादव के घर तक लोग बाइक और कार से पहुंच सकेंगे। - रणजीत यादव, ग्रामीण
राजस्व टीम ने कुछ सरकारी जमीन और कुछ स्थानीय काश्तकारों की सहमति से उनकी जमीन दिलवाई थी। बरसात बाद ग्रामीणों ने रास्ते को आने-जाने लायक बना दिया है। इंतजार है कि जनप्रतिनिधि पक्की सड़क या इंटरलॉकिंग कब बनवाते हैं। - सभाजीत यादव, रोहित के पिता
रोहित यादव के घर तक जाने के लिए रास्ता नहीं था। इधर, रोहित के आने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को श्रम दान किया। इसका नतीजा रहा कि शाम तक रास्ता बन गया। अब शुक्रवार को रोहित इसी रास्ते से घर आएंगे। - रामआसरे यादव, ग्रामीण