ऑनलाइन होता था सौदा, किराया भी डिजिटल
एसपी के अनुसार,जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए ऑनलाइन माध्यम से पैसों का लेनदेन किया जाता था। दूसरे प्रदेशों से हथियार लाने वाले युवकों के किराए और अन्य खर्च का भुगतान भी ऑनलाइन किया जाता था। ऐसे में पुलिस अब उन खातों और वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है, जिनके जरिए इस कारोबार को रकम उपलब्ध कराई जा रही थी। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद कॉल और चैट की जानकारी से उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने इनसे हथियार खरीदे थे। पुलिस का जोर सप्लायर से लेकर खरीदार तक पूरी चेन सामने लाने पर है।
चुनावी समय में बढ़ी हथियारों की आवाजाही की आशंका
एसपी ने इसकी संभावना से इनकार नहीं कि आगामी चुनावों से अवैध हथियारों का प्रयोग करने के उद्देश्य से इसकी खेप गैर प्रांतों से जिले में पंहुचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में चुनाव हैं और अवैध असलहों के इस्तेमाल की संभावना बनी रहती है। ऐसे में हथियारों की आवाजाही बढ़ी हुई हो सकती है।
एक-एक कड़ी पर कार्रवाई का दावा
एसपी ने कहा कि नेटवर्क से जुड़े लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। अवैध हथियार उपलब्ध कराने वालों से लेकर इन्हें खरीदने वालों तक, जो भी लोग जांच में सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
खंडवा-बुरहानपुर से गाजीपुर तक का सफर
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे मध्य प्रदेश के खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र से अवैध हथियार लेकर गाजीपुर आए थे। यहां इन हथियारों की डिलीवरी की जानी थी। पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिलने की बात एसपी ने कही है।