उमस भरे मौसम में घंटों की बिजली कटौती उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बन गई है। विभाग भले 22 घंटे आपूर्ति का दावा करे लेकिन हालात ऐसे हैं कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में औसतन 15-16 घंटे बिजली भी नहीं मिल पा रही है। अघोषित कटौती की मुख्य वजह ओवरलोडिंग के चलते जगह-जगह हो रही गड़बड़ियां हैं। लोड बैलेंस करने की विभागीय कवायद के बावजूद लोकल फाल्ट में कमी न आने से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
उपकेंद्रों पर मोहल्लेवार रोजाना 20 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। उमस भरे मौसम में सबसे अधिक परेशानी रात में बिजली कटने से हो रही है। पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। शनिवार को कैंट क्षेत्र में सुबह आठ से दस बजे तक बिजली गुल रही। नगर निगम उपकेंद्र से सुबह 11 बजे कटी बिजली शाम पांच बजे आई।
भेलूपुर से सुबह नौ से पांच और सारनाथ उपकेंद्र से दोपहर साढ़े बारह बजे से तीन बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के साथ ही ओवरलोड की समस्या कम करने और जर्जर तारों को बदलने के लिए भी विभाग की ओर से कटौती की गई।