श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की आय में गिरावट आने की आशंका है। इसकी वजह है, लगातार हुंडियों के चढ़ावे की गिनती न हो पाना। कुछ हुंडियां कई दिनों से न खोले जाने की वजह से उनमें अब जगह नहीं रह गई है।
यह हाल तब है जब मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर हुंडियों की गिनती के लिए बाकायदा पैनल गठित किया जा चुका है। इन हालात का फायदा कुछ सेवादार और कर्मचारी उठा रहे हैं। ऐसे कर्मी श्रद्धालुओं से चढ़ावे की रकम हाथ में यह कहकर ले ले रहे हैं कि वह काउंटर पर जमा करवा देंगे।
शिकायत मिलने के बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह ने एसीईओ से इसकी जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने गिनती के लिए अतिरिक्त समय निकालने का एसीईओ को निर्देश दिया।
हुंडियों की गिनती नियमित न होने और सभी हुंडियों को रोज न खोले जाने से बाबा दरबार में चढ़ावा रखने का भी संकट आ गया है। कुछ श्रद्धालुओं ने जब हुंडियों में चढ़ावा डालने की कोशिश की और जगह न होने की वजह से रुपये बाहर आ गए तब इसकी शिकायत अफसरों से की।
कहा जा रहा है कि रोज बड़ी हुंडियों की गिनती न होने से बाबा की आय में भी कमी दर्ज की जा रही है। एसीईओ पीएन द्विवेदी ने बताया कि समय के अभाव और कर्मियों की कमी की वजह से ऐसा हो रहा है। फिर भी हुंडियों की गिनती कराई जा रही है लेकिन कुछ हुंडियां समय अधिक लगने की वजह से गिनती के लिए रह जाती हैं।
एसीईओ ने बताया कि कुछ कर्मियों के हाथ में चढ़ावा लेने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे लोगों की जांच कराकर कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं से भी आग्रह है कि वे चढ़ावे की रकम किसी के हाथ में न देकर सीधे काउंटर पर जमा करें और उसकी रसीद प्राप्त करें।
सीईओ ने अब दिन में दो बजे की बजाए 12 बजे से ही गिनती कराने का निर्देश दिया है। सीडीओ विशाख जी ने छह अतिरिक्त कर्मचारी हुंडियों की गिनती के लिए विकास भवन से देने का भरोसा दिलाया है। एसीईओ ने बताया कि जल्द ही अतिरिक्त कर्मचारी मिल जाएंगे और समय भी बढ़ जाएगा। ऐसा होते ही शिकायतें दूर कर ली जाएंगी।