श्रावण मास के दूसरे सोमवार को प्रशासन की सख्ती का असर कासी विश्वनाथ मंदिर में देखने को मिला। मंगला आरती में केवल टिकट वालों को ही प्रवेश दिया गया। मंगला आरती के लिए 246 लोगों ने टिकट खरीदा था। इसमें से 245 लोगों ने आरती में भाग लिया। मंगला आरती के दौरान टिकटार्थियों के अलावा कोई भी व्यक्ति काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं कर सका।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार को मंगला आरती के दौरान टिकटार्थियों के अलावा कुछ अन्य लोगों के प्रवेश होने के कारण टिकटार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ा था।
इसका संज्ञान लेते हुए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को मंदिर प्रशासन एवं पुलिस के वीडियो फुटेज के माध्यम से जांच कर रिपोर्ट तलब की थी। कमिश्नर सोमवार को मंगला आरती के दौरान दो अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की तैनात के लिए डीएम और एसएसपी को निर्देशित किया था।
ढुंढीराज प्रवेश द्वार से मंगला आरती के लिए मात्र एक रास्ते से ही लोगों को प्रवेश दिया गया था। मंगला आरती के दौरान मेयर राम गोपाल मोहले, बीएचयू के कुलपति डॉ. गिरीश चंद त्रिपाठी तथा जिलाधिकारी की पत्नी सुधा मिश्रा ने टिकट लेकर आम लोगों की तरह कतार में लगकर मंदिर में प्रवेश किया।
प्रवेश द्वार के पास प्रवेश से दस मिनट पूर्व एवं आरती के बाद निकलते समय का विशेष वीडियो फोटोग्राफी कराई गई।