कपसेठी, नियारडीह और पिंडरा के बैंकों में रुपये न होने से निराश लौटे लोग
ग्रामीण इलाके के बैंकों में शुक्रवार को कैश न होने से जनता की मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं। ज्यादातर बैंकों में नो कैश के बोर्ड लटके दिखे। इससे नाराज लोगों ने जमकर हंगामा किया। कई जगह भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं, जनता के कोप से बचने के लिए बैंक मैनेजर और कर्मचारी ताला बंद कर भाग निकले।
सेवापुरी क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक, कपसेठी में सुबह 250 लोगों को टोकन तो बांट दिए गए लेकिन मुख्य शाखा से रुपये ही नहीं पहुंचे। घंटों इतजार के बाद जब बैंक में रुपये न होने की जानकारी मिली तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ रुख देख मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पहुंची कपसेठी पुलिस किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद दोपहर 12 बजे दोपहर बैंक बंद कर दिया गया। बैंक मैनेजर बीडी सिंह ने बताया कि कैश न होने की वजह से लोगों को रुपये नहीं दिए जा सके। बैंक बंद न करते तो हंगामा बढ़ सकता था। इसी तरह दानगंज क्षेत्र के नियारडीह स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में रुपये न होने के कारण नो कैश का बोर्ड टांग दिया गया। कुछ देर तक ग्राहकों ने हंगामा मचाया और फिर निराश लौट गए।
पिंडरा क्षेत्र के भी बैंकों में कैश की किल्लत रही। एसबीआई, सिंधोरा में कर्मचारियों ने नो कैश की सूचना चस्पा कर बैंक में ताला बंद कर दिया। इससे मौके पर जुटी भीड़ ने हंगामा कर दिया। बैंक मैनेजर सीबी त्रिपाठी ने कैश खत्म हो जाने पर लोगों के गुस्से को देखते हुए बैंक में ताला लगाना पड़ा। वहीं, राजातालाब क्षेत्र के गंगापुर स्थित सेंट्रल बैंक में लोग तीसरे दिन भी कतार लगाने के बाद भी लोगों को रुपये नहीं मिले। बैंक का सर्वर डाउन होने के कारण तीन दिन से लेनदेन नहीं हो पा रहा।