केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा को निर्मल करने का प्रधानमंत्री का सपना था। प्रधानमंत्री ने वाराणसी का सांसद बनने से पहले कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। उन्होंने गंगा को शुद्ध करने का संकल्प लिया है। मैं विश्वास देता हूं कि मार्च, 2019 तक 70 से 80 प्रतिशत तक गंगा शुद्ध होगी।
उन्होंने कहा, अविरल गंगा के लिए बैराज से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। तय किया गया है कि गंगोत्री से गंगासागर तक मार्च के बाद गंगा का जलस्तर कम से कम दो मीटर रखा जाएगा। गंगा निर्मलीकरण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से वाराणसी में आठ और देश में 268 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कुछ समय पहले 80 जगहों पर गंगा जल की जांच कराई गई, इसमें 55 जगह पर जल शुद्ध मिला।
दावा किया, पीएम के कार्यकाल के जब पांच साल पूरे होंगे, वह उत्तर प्रदेश को दो लाख करोड़ रुपये की सुंदर सड़कें बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विश्वास दिलाया कि प्रदेश की चीनी मिलों में तैयार होने वाले एथनाल से जल वाहक शुरू करने का इरादा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा में जल परिवहन की शुरुआत में 1986 में हुई थी। जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने, कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ल्ड र्बैंक से 5400 करोड़ रुपये की मदद से वाराणसी, गाजीपुर, हल्दिया में मल्टी मॉडल हब बन रहा है। जब मैं कहता था कि गंगा में क्रूज चलेंगे।
मालवाहक जहाज चलाएंगे तो लोग हंसते थे। पीएम मोदी ने स्वाधीनता के बाद पहली बार यहां 16 कंटेनर उतरवाए हैं। जल मार्ग से जल्दी ही 80 लाख टन कार्गो का ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा। दो साल के अंदर 270 लाख टन माल जल परिवहन से आएगा। सड़क से 10 रुपये, रेल से छह रुपये लगेंगे तो जल मार्ग से माल मंगाने पर एक रुपया लगेगा।