नीति आयाग के सीईओ ने कहा कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए। किसान केवल कृषि पर ही आश्रित ना रहे, बल्कि पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, फल उत्पादन से आय बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चे 10 से 15 फीसदी ही समझ पाते हैं। ब्लॉक को हेल्थ एजुकेशन स्मार्ट टेक्नोलॉजी से विकसित किया जाएगा।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ सुजीत सिंह ने कहा कि विकास के लिए टीम के साथ काम करने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। ग्राम प्रधान घोसिला ज्ञान सिंह ने कहा कि विकास के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है। निजी विद्यालयों के प्रबंधकों द्वारा अभिभावकों का शोषण किया जाता है, सबसे पहले प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के साथ दिलाई जाए।
नीति आयोग की टीम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं को 47 लाख रुपए का डेमो चेक दिया। इस दौरा अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार, भारत सरकार की सचिव सुमित्रा मंडल, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने जनप्रतिनिधियों से कहा विकास आत्मशक्ति व सामुदायिक भावना से होता है। आधारभूत ढांचे की जरूरत होगी उसे प्राथमिकता पर यहां मुहैया कराया जाएगा। ब्लाक को ऐसा बनाएं कि देश के विभिन्न स्थानों तथा राज्यों से लोग इसे देखने आए।
अपर मुख्य सचिव एवं नोडल अधिकारी मनोज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लागू योजनाओं को अभियान चलाकर लोगों तक पहुंचाया जाए। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि सेवापुरी विकासखंड क्षेत्र के 141 विकास योजनाओं से संतृप्तिकरण के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों ने नीति आयोग को सुझाव दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में गली, सड़क, हैंडपंप आदि के साथ जलनिकासी की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। शिक्षा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर हो।
गांवों के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में आकर्षक व्यवस्था की जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। सेवापुरी विकास खंड में संचालित एवं कराए गए विकास कार्यों का पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया।