फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: निशांत कुमार ने 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने के दिए संकेत, पार्टी का संगठन करेंगे मजबूत; युवाओं से होगी बात

Sun, 01 Nov 2026 09:51 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।

सार

निशांत कुमार ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के जरिए प्रदेश की सियासत में उतरने के संकेत दिए हैं। मुगलसराय में उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वह मुगलसराय विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, उनकी ओर से अभी उम्मीदवारी को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
विज्ञापन
निशांत कुमार। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के मुगलसराय पहुंचने से पूर्वांचल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी का संगठन मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की मंशा जाहिर की। उन्होंने एनडीए के घटक दल के रूप में यूपी में चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई।

विज्ञापन




निशांत कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी का संगठन केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी उसकी मौजूदगी है। वह मुगलसराय में स्थानीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने पिता की विचारधारा और उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने संगठन विस्तार के लिए कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निशांत कुमार ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भी चुनाव लड़ने का प्रयास करेगी। इसके लिए एनडीए के घटक दल के रूप में चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा जताई। उनके इस बयान के बाद पूर्वांचल की राजनीति में गठबंधन के संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार की यह कवायद आगामी चुनाव में किस रूप में सामने आती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें