वाराणसी। सात साल के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को जब निर्भया को इंसाफ मिला तो महिलाओं ने खुशी व्यक्त की। चारों दोषियों को फांसी दिए जाने पर महिलाओं ने कहा कि इससे निश्चित रूप से इस तरह की घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले लोगों में भय व्याप्त होगा। इस घटना से पूरा देश हिल गया था। हत्यारों को फांसी की सजा तो हुई लेकिन, हर बार बचने को कोई न कोई रास्ता खोज लिया जाता था। दोषियों को फांसी दिए जाने से कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है। हत्यारों को फांसी से जहां, महिलाओं के साथ ऐसा करने वालों के मन डर बैठेगा और महिलाओं से सुरक्षा का भाव पैदा होगा। महिलाओं ने भी खुशी जाहिर करने के साथ ही न्यायपालिका पर भरोसा जताया है।
निर्भया के दोषियों ने जो कर्म किया था, उसकी सजा उन्हें देर से सही पर मिली। साफ है कि कानून से बढ़कर कोई नहीं हैं, इनको सजा मिलने से देश की हर महिला अपने आप आपको सुरक्षित महसूस करेगी। - डॉ. अलका सिंह, प्राचार्य, वसंत महिला महाविद्यालय
किसी भी बेटी के साथ इस तरह का अपराध करने वालों के लिए यह सजा होनी चाहिए। इससे समाज में दुष्कर्म जैसा अपराध करने वालों में भय पैदा होगा। फैसले ने न्याय प्रक्रिया में भरोसा बढ़ा दिया है।- डॉ. निर्मला सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य, बिपिन बिहारी चक्रवर्ती कन्या इंटर कालेज
आज इस केस ने एक उदाहरण पेश किया है, लेकिन ऐसा पहले भी किया जा सकता था। आशा करती हूं जिस तरह आतंकवादी घटनाओं पर सरकार एक्शन लेती है, उसी प्रकार दुष्कर्म के मामलों में फैसले भी तुरंत होने चाहिए।- नाहिदा बानो, प्रधानाचार्य, एओ मुस्लिम बालिका इंटर कालेज
दोषियों को सजा मिलने पर आज निर्भया के साथ तमाम बेटियों के चेहरे पर मुस्कान है। हमारी न्याय प्रक्रिया काफी लंबी है, जबकि इस तरह के अपराध में सजा तुरंत मिलनी चाहिए। जिससे अपराधियों में डर पैदा हो।- दीपमाला राय, अधिवक्ता
दुष्कर्म करने वाले दोषियों को ये सजा मिलने से समाज में दुष्कर्म करने वालों में कानून का भय होगा। 7 साल तीन महीने चार दिन बाद मिली सजा से न्याय प्रक्रिया कि जीत हुई और अपराधियों में डर पैदा हुआ है।- सीमा अग्रवाल, हेल्थ एंड हाईजीन एक्सपर्ट
आज न्याय प्रक्रिया के साथ एक बेटी और मां के संघर्षों की जीत हुई है। जिस तरह से दोषियों ने निर्भया के साथ बर्बरता की थी, उन्हें फांसी दी जानी जरूरी थी। इस केस से सरकार को सबक लेते हुए देश के सिस्टम में बदलाव होने की जरूरत है।- आनंद प्रभा, प्रधानाचार्य, निवेदिता शिक्षा सदन