दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। इनकी पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया।
इस सूचना से यूपी के बलिया स्थित निर्भया के गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव में रहने वाले निर्भया के बाबा ने कहा कि मुझ भरोसा था कि न्यायपालिका निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा देगी।
अब सरकार दोषियों को जल्द फांसी देने का इंतजाम करे ताकि ऐसी घटना करने वालों में भय हो सके। मेरी इच्छा है कि मेरे जीते जी पोती के हत्यारों को फांसी हो जाए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ग्रामीणों ने भी खुशी जताई।
गांव के ही सुरेश सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रख कर निर्भया के साथ न्याय किया है। वीरेंद्र सिंह पप्पू ने कहा कि दोषियों को जल्द फांसी होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि सजा में विलंब होने से अपराधियों के मन में खौफ पैदा नहीं हो रहा है, आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
मालूम हो कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के मुनीरका में छह लोगों ने चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा से गैंगरेप किया था। इसके बाद आरोपियों ने युवती और उसके दोस्त को चलती बस से बाहर फेंक दिया था। बाद में युवती की मौत हो गई थी।