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निर्भया कांडः घटना को याद कर सिहर उठते हैं बिटिया के गांव के लोग

Sat, 16 Dec 2017 02:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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nirbhaya
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16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ हुई घटना को लेकर देश प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया में हंगामा मचा। घटना के पांच साल बाद भी बलिया जिले स्थित बिटिया के गाँव में लोग याद कर सिहर उठते है। लोगों के जेहन में आज भी घटना जीवंत है।
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बिटिया के गाँव के लोग बताते है कि घटना के बाद कमोवेश सभी दलों के नेता एक से बढ़कर एक आश्वासन देने में जुट गए। प्रदेश सरकार के मुखिया तो बिटिया के गांव में भी पहुंचे और गांव का विकास कराने औऱ निर्भया के परिवार के 5 बेरोजगारों को नौकरी देने की बात कही।

गांव के लालजी सिंह का कहना है कि निर्भया कांड में सुप्रीम कोर्ट ने जो रुख अपनाया उससे समाज में एक सबक लोगों को मिली। उनका मानना है इससे समाज में अपराध करने वालों को एक कड़ी सीख मिलेगी एवं आगे से कोई अपराध करने से डरेगा। इससे एक निर्भया को ही नहीं सैकड़ों निर्भया को उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि है।
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दरिंदगी करने वालो को फांसी पर लटका देना चाहिए

घटना को याद कर ग्रामीण आज भी कहते है कि बेटियों के साथ दरिंदगी करने वालो को खुलेआम फांसी पर लटका देना चाहिए। ग्राम प्रधान सविता देवी का मानना है कि निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाकर साबित कर दिया है कि इस देश में न्याय अभी भी जिंदा है।

अपराधी कितना ही शातिर या बलवान क्यों न हो अगर वह कोई अपराध करता है तो उसे उचित दंड भी मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बहादुर बिटिया की याद में हुई सरकारी घोषणाओं को गांव के लोग अभी तक कागजी ही बता रहे हैं।

उनका कहना है घटना के बाद आए मुख्यमंत्री ने जितनी घोषणाएं की थी अभी वह जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। बिटिया के नाम पर कॉलेज हो या फिर स्वास्थ्य केंद्र अभी तक कोई खड़ा नही हो पाया। गांव को जाने वाली सड़क भी कई बार बनी लेकिन आज तक उसके गांव तक पहुंचने का एक सुगम रास्ता भी दुर्लभ है।
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