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संत द्वार से बाजार तक भक्तों की कतार

Mon, 02 Feb 2015 02:14 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। छुआछूत मिटाने और सामाजिक गैर बराबरी दूर करने का संदेश देने वाले संत रविदास के जन्मस्थान सीर गोवर्धन गांव में जयंती से दो दिन पहले रविवार को आस्था का मेला सज गया। ट्रकों-बसों और ट्रेनों से बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के पहुंचने से बस्ती जश्न के नए रंग में रंग गई।
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 श्रद्धालुआें की भीड़ के दबाव से इलाका दिन भर जाम की चपेट में रहा। उत्तर से लेकर दक्षिण तक के राज्यों की भाषा-संस्कृति का मिलन कराने वाले पंडालों के बीच पांच कुंतल से अधिक फूलों से सुसज्जित 120 फीट लंबे भव्य मंच से इस बार डच भाषा में अनुवादित रविदासिया धर्म ग्रंथ ‘अमृत वाणी’ को दुनिया भर से आए रविदासियों को सौंपा जाएगा। रोशनी से जगमगाए गुरु दरबार में दर्शन के लिए आस्थावानों की लंबी लाइन लग गई है। जयंती महोत्सव माघी पूर्णिमा पर तीन फरवरी को मनाया जाएगा।
सीर गोवर्धन में स्वर्ण गुंबदों वाले संत रविदास के मंदिर से करीब दो किमी दायरे में सड़क की दोनों पटरियों पर बच्चों, महिलाओं की खुशियों का बाजार सज गया है।
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 इस मेले में उपहार और प्रसाधन की वस्तुओं के स्टालों पर शहर-गांव की संस्कृति साकार होती नजर आने लगी है। नीली पगड़ी वाले सेवादारों और भक्तों का कारवां उमड़ने से मेला क्षेत्र मिनी पंजाब में तब्दील नजर आ रहा है। 70 से अधिक पंडालों के बीच सज से मुख्य पंडाल को पांच कुंतल से अधिक गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों और हरी पत्तियों से पंजाब के डेकोरेटर सजा रहे हैं।
डच भाषा के अनुवादित रविदासियों के धर्म ग्रंथ अमृत वाणी का इस बार तीन फरवरी को दिन के 11 बजे डेरा सच्च खंड बल्लां के संत निरंजन दास महाराज विमोचन करेंगे। इस बीच रविवार को पूरे दिन राजमार्ग के अलावा लंका-डाफी मार्ग पर वाहनों का तांता लगा रहा। रास्ता खराब होने से दूर-दराज से आने वाले भक्तों को जबरदस्त दिक्कतें हो रही हैं। संत गुरु रविदास जन्म स्थान ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सत्यपाल विरदी ने बताया कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर प्रशासन ने सिर्फ कोरम पूर्ति कराई है। इससे संत रविदास के शिष्यों में नाराजगी है।
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