दक्षिण भारत के राज्य केरल में निपाह वायरस के दस्तक से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। केरल में इस जानलेवा बीमारी से अब तक पांच से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। निपाह वायरस का संक्रमण चमगादड़, संक्रमित सुअर के संपर्क में आने से होता है।
बीएचयू के मॉलिक्यूलर बायोलॉजी यूनिट के हेड प्रो. सुनीत कुमार सिंह ने बताया कि इस वायरस का संक्रमण मलेशिया और सिंगापुर में पाहे रिपोर्ट में किया गया था। इसके बाद बांग्लादेश और भारत में भी इसका संक्रमण मिला।
उन्होंने बताया कि यह आमतौर पर निपाह वायरस से संक्रमित मरीजों के परिवार और देखभाल करने वालों में फैल जाता है। ट्रांसमिशन संक्रमित चमगादड़ के प्रत्यक्ष संपर्क से भी होता है। जो लोग ‘डेट पाम’ के निपाह वायरस से संक्रमित फलों को खाते हैं, ये वायरस उन्हें भी प्रभावित कर सकता है।
ये वायरस का संक्रमण एंसेफ्लाइटिस से जुड़ा हुआ है। शुरुआत बुखार और सिरदर्द के साथ होती है। इसके बाद उनींदापन, विचलन और मानसिक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
इस वायरस से बचने के लिए निगरानी और जागरूकता पर केंद्रित प्रयास किए जाने चाहिए। फलों पर निर्भर चमगादड़ में वायरस जांच, चमगादड़ और निपाह वायरस की पारिस्थितिकी को बेहतर ढंग से समझने के लिए शोध की जरूरत है।