वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े विवादों के निपटारे का इंतजार अब समाप्त हो गया है। जीएसटी अधिकरण की वाराणसी खंडपीठ में जल्द ही मामलों की सुनवाई शुरू होगी। करदाताओं और कर अधिवक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि वे 9 साल से इंतजार कर रहे थे। सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के सचिव चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि जीएसटी अधिकरण के पोर्टल पर 60000 व्यापारी पंजीकृत हो चुके हैं। अब तक 54000 अपील दाखिल की जा चुकी हैं। इनमें 13000 अधिवक्ता भी अधिकरण के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। जीएसटी अधिकरण के गठन की अधिसूचना जुलाई 2024 में जारी हुई थी जो अब प्रभावी हो गई है।
17 जिलों के विवादों का निपटारा
जीएसटी अधिकरण की वाराणसी पीठ में वाराणसी और आसपास के 17 जिलों के विवादों का निपटारा होगा। वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, देवरिया, महाराजगंज और कुशीनगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों के व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अपील दाखिल करने की समय सीमा बढ़ी
सचिव चंद्रेश कुमार सिंह ने बताया कि जीएसटी अधिकरण पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण अपील दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। तीन महीने तक उचित विलंब क्षमा प्रार्थना पत्र के साथ अपील दाखिल की जा सकेगी। हालांकि, 5000 की अतिरिक्त कोर्ट फीस जमा करनी होगी। सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन ने पोर्टल की तकनीकी और भाषाई समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री से नई दिल्ली में मिलकर इन मुद्दों पर चर्चा करेगा।