पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड दलबीर है। एनसीआर में बैठा दलबीर उड़ीसा से गांजा गाजियाबाद मंगवाता है और फिर नोएडा व गाजियाबाद में सप्लाई कराता है। पकड़े गए सभी हरियाणा के घुमंतू जाति (कौल, बांगड़ी) के हैं, जो कैरियर के रूप में काम करते थे। यह दलवीर के संपर्क में रहते हैं, दलबीर उड़ीसा में राजा से बात कर इन्हें माल दिलवाकर चला जाता था, यह मोबाइल से दलबीर के संपर्क में बने रहते थे। इनके द्वारा यह कार्य दूसरी बार किया जा रहा था। लगभग दो माह पहले यह लोग लगभग 100 किलो माल गाजियाबाद दलबीर के यहां पहुंचाए थे।
उड़ीसा से सड़क मार्ग के जरिए पहुंचे बनारस
पकड़े गए कैरियर एजेंट के तौर पर काम करने वाले गिरोह ने पुलिस को बताया कि उड़ीसा से माल लेकर बनारस सड़क मार्ग से पहुंच थे। उड़ीसा से संभलपुर होते हुए रांची और फिर गया होते हुए बनारस पहुंचे थे। एक बार में माल पहुंचाने पर तीस हजार रुपये प्रति व्यक्ति को मिलते थे।
गर्मी के दिनों में ऊनी कपड़े से हुई पहचान
गर्मी के मौसम में ऊनी चादर और कंबल को देखते ही पुलिस को शंका हो गई थी। इसके बाद बातचीत में जब गिरोह हड़बड़ाया तो पूरा माजरा खुल गया। इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला और चेतगंज इंस्पेक्टर परमहंस गुप्ता ने इसी आधार पर पकड़ा।