तेलंगाना की संस्था श्रीपाराशर वैदिक आगम वेद शास्त्र परिषद की ओर से राष्ट्र की सुख समृद्धि और एवं विश्व कल्याण के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में 24 अक्तूबर से एक नवंबर तक यज्ञानुष्ठान होगा। इसे यज्ञों वै विष्णु: का नाम दिया गया है। आयोजन में दक्षिण भारत के विद्वान शामिल होंगे। इस दौरान भारतीय ऋषि वैभव और तेलुगु भाषा के साहित्य व कला पर विमर्श करने के लिए तेलुगु वैभव का भी आयोजन होगा। इस दौरान पहली बार एक किलो को स्वर्ण नाग भी बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा।
मुख्य संयोजक व आचार्य पं. जगन्नाथ शास्त्री ने बताया कि काशी में पहली बार राष्ट्र को धन-धान्य से समृद्ध करने के लिए माता लक्ष्मी के अनुग्रह से एक लाख बिल्व फल से वैदिक यज्ञ होगा। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम से आए 11 वैदिक ब्राह्मण रोज एक लाख 116 हवन करेंगे। यज्ञ कॉरिडोर स्थित श्रीनीलकंठ महादेव मंदिर के सामने होगा। अनुष्ठान सुबह आठ बजे शुरू हो जाएंगे। सामूहिक गणपति पूजा, दीक्षा समारोह, कंकण पहनना और गणपति व्रत के यज्ञ होगा।
30 अक्तूबर को काशी में पहली बार श्रीवेंकटेश्वर स्वामी और श्रीपद्मावती अलीमेलुमंगा का विवाह उत्सव भी मनाया जाएगा। इसे दक्षिण भारत में श्रीनिवास कल्याण उत्सव कहा जाता है। एक नवंबर को सभी वैदिक अनुष्ठान की महापूणाZहुति होगी। नौ दिवसीय अनुष्ठान में पुष्पगिरि पीठाधीधिपति अभिनवोद्दंड विद्या शंकर भारती, अमृतानंद सरस्वती स्वामी, डॉ. सामवेद षणमुख शर्मा, राधा मनोहर दास आदि शामिल होंगे। इस दौरान प्राचीन ऋषियों एवं वैदिक संस्कृति पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रतिदिन शाम को दक्षिण भारत के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों प्रस्तुति होगी।