फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर पीडि़त मरीजों के तीमारदारों के लिए आश्रय स्थल मुहैया कराएगा नगर निगम

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर पीडि़त मरीजों के तीमारदारों के लिए नगर निगम आश्रय स्थल मुहैया कराएगा। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए इन पीडि़त परिवारों के लिए ठहरने की निशुल्क व्यवस्था कराई है। इसके लिए नगर निगम, टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल व रचना फाउंडेशन के बीच आयुक्त कार्यालय में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की उपस्थिति में अनुबंध हुआ।
विज्ञापन

नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त, टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल की ओर से निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान एवं रचना फाउंडेशन की ओर से आर के यादव ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किया गया। अनुबंध के अनुसार सिकरौल स्थित तीन मंजिलें आश्रय स्थल में प्रथम तल को छोड़कर द्वितीय व तृतीय तल पर ऐसे परिवारजन नि:शुल्क रूप से रह सकेंगे, जिनके बच्चों का उपचार टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में चल रहा है। अभी तक इस आश्रय स्थल का उपयोग नगर निगम द्वारा नगरीय क्षेत्र में रहने वाले निराश्रित लोगों के लिए किया जाता रहा है। अब से इस तीन मंजिले आश्रय स्थल के प्रथम तल पर नगर निगम की ओर से नगरीय निराश्रित को आश्रय दिया जाएगा। द्वितीय एवं तृतीय तल पर टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में उपचार करा रहे बच्चों के परिजनों को आश्रय प्राप्त हो सकेगा। रचना फाउंडेशन को मेंटेनेंस के लिए प्रथम तल जिसमें नगर निगम की ओर से नगरीय निराश्रितों को ठहराया जायेगा। इसके लिये नगर निगम की ओर से सेवा शुल्क लिया जायेगा । शेष द्वितीय एवं तृतीय तल का मेंटेनेंस टाटा मेमोरियल कैंसर हास्पिटल स्वयं करेगा।
50 निराश्रितों के रहने की होगी व्यवस्था
तीन मंजिले आश्रय स्थल में कुल 50 निराश्रित के रहने की व्यवस्था है। जिसमें से प्रथम तल वह 20 बेड, द्वितीय तल पर 20 बेड और तृतीय तल पर 10 बेड की उपलब्धता है । इस प्रकार प्रथम तल पर नगर के 20 निराश्रित रह सकते हैं तथा द्वितीय और तृतीय तल पर उपचार करा रहे बच्चों के 30 सदस्य आसानी से रह सकते हैं।
विज्ञापन

भवन कर जमा नहीं होने पर राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस
वाराणसी। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कोतवाली जोन में चल रहे जीआईएस सर्वे के कार्यों का निरीक्षण मोटरसाइकिल से किया। इस दौरान कुछ प्रॉपर्टी भी चेक की गई। निरीक्षण के दौरान एक भवन संख्या के असेसमेंट में अनियमितता पाई गई । एक भवन कर रुपया 9338 जमा नहीं पाया गया। जिसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित राजस्व निरीक्षक प्रथम श्रेणी सुशील कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है । जीआईएस सर्वे का मुख्य उद्देश्य है कि 2014 से लागू कर निर्धारण के दौरान छुट्टी हुई प्रॉपर्टी को नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज किया जाना है । इस योजना से नगर के लगभग 30 से 40,000 वंचित आवासों को अभिलेखित कर लिया जाएगा। जिससे नगर निगम को एक अच्छी आय प्राप्त होगी। नगर के विकास कार्य में सुगमता होगी। 31 अक्टूबर तक तक प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम को लागू कर किया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें