प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर ज्ञानवापी मामले में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के सचिव की तरफ से निगरानी याचिका जिला जज यूसी वर्मा की अदालत में दाखिल की गई है। यह याचिका सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के 25 फरवरी 2020 के उस आदेश के खिलाफ दाखिल की गई है।
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जिसमें कहा गया कि वक्फ बोर्ड को मुकदमे की सुनवाई का अधिकार नहीं है। यह अधिकार सिविल जज सीनियर डिवीजन को है। अदालत ने इसे प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए सुनवाई की तिथि 28 सितंबर नियत की है।
अदालत ने मियाद अधिनियम की धारा पांच में देरी की माफी के लिए दिए गए आवेदन को स्वीकार करते हुए विपक्षियों को आपत्ति दाखिल करने के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत कर दी। उधर, अंजुमन इंतजामिया कमेटी की तरफ से दाखिल निगरानी पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने दूसरी तारीख नियत करने की मांग की, जिस पर 28 सितंबर को सुनवाई होगी।