रेल राज्य मंत्री के लोकार्पण के डेढ़ महीने बाद भी अभी तक शुरू न हो पाने वाले नवनिर्मित यात्री प्रतीक्षालय से मंगलवार की रात हजारों रुपये के सामान चोरी हो गए। प्रतीक्षालय में जमकर तोड़फोड़ भी की गई। इससे रेलवे को लाखों की क्षति होने की बात कही जा रही है। वहीं, प्रतीक्षालय को जल्द चालू करने की कोशिशों को भी तगड़ा झटका लगा है। इंजीनियरिंग विभाग की ओर से घटना का मेमो आरपीएफ को दिया गया है। घटना के पीछे ठेकेदारों के आपसी विवाद की भी चर्चा है। हालांकि मेमो के आधार पर छानबीन में जुटी आरपीएफ अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर एक हजार क्षमता वाले यात्री प्रतीक्षालय का लोकार्पण डेढ़ माह पहले रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने किया था। हालांकि कुछ काम अधूरा रहने से इसे अब तक चालू नहीं किया जा सका है। प्रतीक्षालय में ही द्वितीय श्रेणी टिकट, कैफिटेरिया सहित कई अन्य सुविधाएं दी जानी हैं। मंगलवार की रात नवनिर्मित प्रतीक्षालय से हजारों के उपकरण चुरा लिए गए। साथ ही, तोड़फोड़ की गई। कई बेसिंग, टोटियां, पाइप, टाइल्स, फिटिंग आदि गायब थे तो कई क्षतिग्रस्त पाए गए। सूत्रों की मानें तो इंजीनियरिंग विभाग के मेन ठेकेदार के अलावा किसी अन्य ठेकेदार से काम कराने और पैसा रोकने के चलते विवाद है। उसी के चलते यह घटना घटी। आरपीएफ के कंपनी कमांडर सतीश के अर्जुन ने बताया कि मेमो मिला है, मामले की छानबीन चल रही है।