न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी
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बनारस में सोमवार को शुरू हुए तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने आए न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी और नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी ने अपनी बात रखी।
प्रवासी भारतीयों को दोहरी नागरिकता का अधिकार मिले और उन्हें राज्यसभा में नामित किया जाए। न्यूजीलैंड में चार बार से सांसद चुने जा रहे कंवलजीत सिंह बक्शी ने सोमवार को यह बात बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में ‘अमर उजाला’ से कही।
नई दिल्ली के मूल निवासी कंवलजीत ने कहा कि हिंदुस्तान असीम संभावनाओं वाला देश है। प्रवासी भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके विदेश मंत्रालय की पहल, तत्परता और उत्सुकता सराहनीय है।
देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रवासी भारतीयों की यहां की नागरिकता का अधिकार दिया जाना जरूरी है। राज्यसभा में नामित किए जाने से हिंदुस्तान के उच्च सदन में प्रवासी भारतीयों का प्रतिनिधित्व होगा और वो नीतिगत तरीके से भी यहां के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।
मेलजोल का सिलसिला बढ़ेगा तो प्रवासी भारतीयों के माध्यम से यहां निवेश और व्यापार बढ़ेगा। हमारी जड़ें यहीं हैं और हिंदुस्तान दुनिया का सबसे अच्छा देश है। गंगा किनारे बसी दुनिया की पुरातन नगरी में आकर अभिभूत हूं।
युवा बदलना चाहते हैं दुनिया
नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी
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युवा प्रवासी दिवस के विशिष्ट अतिथि नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी ने कहा कि युवाओं के पास बड़ी ताकत है और वे दुनिया बदलना चाहते हैं। प्राकृतिक संसाधन हमारी बड़ी संपदा हैं और युवाओं को इनकी कीमत समझनी चाहिए।
उन्होंने महात्मा गांधी के शब्दों को युवाओं के लिए आदर्श बताया और कहा, स्वच्छता हमारे संस्कार और संस्कृति को भी बताती है। नार्वे के सांसद ने भाषण की शुरुआत अपनी 30 वर्ष की उम्र बताकर की। उन्होंने कहा, 40 साल पहले मेरे माता-पिता यहां से गए थे और वहां अपनी मेहनत से मुकाम बनाया।
भारत में सम्मान दिया जाना उनके लिए गौरव की बात है। नार्वे की ज्यादातर कैंटीन में लिखा होता है कि यहां मां काम नहीं करती। इससे वहां स्वच्छता का संदेश दिया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम काज की तारीफ की और कहा, भारत और नार्वे के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए भूमिका अदा कर रहे हैं। इस काम में प्रधानमंत्री मोदी का सहयोग करेंगे।