आईआईटी बीएचयू सिविल इंजनियरिंग विभाग ने कमान संभाल लिया है। विभाग के विषय विशेषज्ञ बालू की वहनीय छमता की जांच में जुट गए हैं। बालू रेत पर खुदाई कार्य में लगे कर्मचारियों ने बताया कि बालू की वहनीय छमता की जांच के लिए 40 फीट गहराई से मिट्टी के नमूने लेने के लिए आधुनिक तकनीक से खोदाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक अस्सी घाट के सामने रेत पर उतरने के लिए जेटी लगाई जाएगी। खुदाई कार्य से जुड़े आशीष गुप्ता ने बताया कि यहां जेटी निर्माण से पहले फाउंडेशन बनाया जाएगा। जेटी निर्माण से पहले आधार संरचना और उसकी बनावट की जांच के लिए मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे और इसकी रिपोर्ट पीडब्लूडी विभाग को सौंप दी जाएगी।