नए साल से वाराणसी शहर में यातायात की नई व्यवस्था शुरू हो जाएगी। हर जगह सिग्नल प्रणाली से यातायात का संचालन होगा और सीसी कैमरों से नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए शहर के सभी चौराहों और तिराहों पर सिग्नल लाइट लगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। अब कनेक्शन का कार्य किया जा रहा है। अगले माह तक जिम्मेदार कंपनी को काम पूरा करना है। इसके बाद यातायात विभाग को चौराहों पर मैनुअली कार्य नहीं करना पड़ेगा।
वाराणसी शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम के पास स्थित शहीद उद्यान में 147 करोड़ से सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया जा रहा है, जहां से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था संचालित की जाएगी। नियम तोड़ने वालों को उसके घर ही चालान भेजा जाएगा।
नई व्यवस्था के ट्रायल के रूप में सिगरा चौराहा, रथयात्रा चौराहा, मलदहिया चौराहा और साजन तिराहे को सिग्नल प्रणाली से लैस किया गया, जिससे काफी हद तक लोगों को सहूलियत मिली। इसी सफलता के बाद अब शापूरजी पालोनजी कंपनी की ओर से शहर के सभी 64 चौराहों और तिराहों पर सिग्नल सिस्टम लगाने का काम हो रहा है।
लगभग सभी चौराहों पर कैमरे और ट्रैफिक लाइट का इंस्टालेशन हो गया है। अब इन्हें मेन सर्वर से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है, जिसे दिसंबर के अंत तक पूरा कर दिया जाएगा।
नियम तोड़ने वाले को ट्रैस करने में होगी आसानी
अब तक यातायात व्यवस्था में हर चौराहे पर कम से कम चार और अधिकतम आठ से 10 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं, तब जाकर व्यवस्था कुछ हद तक संभलती है। सिग्नल के लगने से इस काम में सहूलियत होगी। साथ ही अगर कोई भी नियम तोड़ता है तो उसे ट्रैस करना आसान हो जाएगा और चालान भी ऑन लाइन चालान कटेगा।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने कहा कि अधिकतर चौराहों पर सिग्नल लाइट लगाने का काम इस माह तक पूरा हो जाएगा। अगले 15 दिन में उसको ट्रायल करके पूरा कर लिया जाएगा। इस सेटअप से शहर के अधिकतम चौराहे कवर हो जाएंगे।
ये भी मिलेंगी सुविधाएं
सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम से ट्रैफिक सिग्नल, कचरा प्रबंधन, कूड़े वाली गाड़ियों की जीपीएस के जरिए लोकेशन की जानकारी रखी जा सकेगी। खराब सड़क, पेयजल और बिजली के अलावा प्रदूषण की जानकारी भी अपडेट की जाएगी।