छपरा-वाराणसी रेलखंड पर इसी माह से इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। मंगलवार को इलेक्ट्रिक इंजन का छपरा से बलिया के बीच ट्रायल किया गया। छपरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीआरएस एके जैन ने इलेक्ट्रिक इंजन का विधिवत पूजन कर रवाना किया।
बलिया से छपरा के बीच ट्रेन ने 66 किलोमीटर की दूरी 80 से 110 के बीच रखते हुए 45 मिनट में पूरी की। वाराणसी-छपरा रेल खंड पर हुए विद्युतीकरण का सीआरएस समेत रेल अधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण किया।
इस मौके पर सीआरएस एके जैन ने बताया कि विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह के भीतर ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिसका ट्रायल मंगलवार को विशेष सैलून के जरिये किया गया। सीआरएस एके जैन विशेष सैलून के साथ सुबह 10 बजकर के लगभग बलिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
इस दौरान उनके साथ एडीआरएम एके श्रीवास्तव, सीनियर डीसीएम राहुल गुप्ता, सीनियर डीईई एमके सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश पवार, जीएम रंजीत सिंह शान, केपीटीएल के सेफ्टी कोआर्डिनेटर सुबोध सिंह भी मौजूद रहे। वाराणसी-छपरा रेलखंड पर हुए विद्युतीकरण का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद इंजीनियरों से जानकारी ली।
बलिया से छपरा के बीच 66 किलोमीटर की दूरी में विद्युतीकरण का कार्य होने के बाद आपूर्ति भी करीब एक पखवारे पूर्व शुरू कर दी गई है। विशेष सैलून से बलिया के बाद बांसडीहरोड स्टेशन के पास बने बिजली के 132केवीए के उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस उपकेंद्र की शाखा रेवती व गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पास बनाई गई है।
सीआरएस एके जैन ने बताया कि छपरा-वाराणसी रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन चलाने से समय की बचत होगी। ट्रायल के तौर पर पहले मालगाड़ी चलाई जाएगी। इसके बाद पैसेंजर और उसके बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।