काशी में गुरुवार को केरल की परंपरा और संस्कृति की मनोहारी झलक देखने को मिली। मौका था, छावनी क्षेत्र स्थित होटल में आयोजित केरला टूरिज्म के प्रमोशनल कार्यक्रम का।
इस दौरान जहां केरल के सुरम्य पर्यटक स्थलों को डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाया गया, वहीं राज्य के पारंपरिक नृत्य मोहिनीअट्टम और कथकली के प्रदर्शन ने भी अपनी अनूठी छाप छोड़ी।
यहां मौजूद केरल पर्यटन बोर्ड के उपनिदेशक के. राजकुमार ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से केरल देश के छोटे शहरों में नया बाजार तलाशेगा। इस साल काशी से इसकी शुरुआत हो रही है।
राजकुमार ने बताया कि केरल में खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य, वहां की समृद्ध संस्कृति और विरासत अद्वितीय है। लुभावने ऑफरों के चलते केरल आज पर्यटकों का सबसे पसंदीदा स्थल बन गया है। न केवल घरेलू बल्कि विदेशी पर्यटक भी केरल का रुख कर रहे हैं। वहां के लिए देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों से सीधी कनेक्टिविटी है।
एयरलाइंस कंपनियां आकर्षक पैकेज भी उपलब्ध करा रही हैं। राजकुमार ने बताया कि केरला टूरिज्म ने अप्रैल 2015 से अप्रैल 2016 तक ‘विजिट केरला’ वर्ष घोषित किया है। इस दौरान कई योजनाएं बनाई गई हैं। केरला टूरिज्म बोर्ड चीन और श्रीलंका जैसे नए बाजार में भी अपनी संभावनाएं तलाशेगा।
विदेशों में ट्रेड फेयर और रोड शो के माध्यम से परंपरागत बाजारों के यात्रियों को आकर्षित करने की योजना है। बताया कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हुए आयुर्वेद और मानसून कैंपेन आयोजित किए जाएंगे।