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लाखों की दवा खा गए सड़क के गड्ढे

Fri, 14 Aug 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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कैंट-मोहनसराय मार्ग के बाटा मोड़ पर गहरे गड्ढे में तब्दील हुई चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट की सड़क जानलेवा हो गई है। कुछ कदमों के फासले पर दो बड़े गड्ढे बन गए हैं।
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मोड़ से उतरिए तो सड़क नहीं बल्कि पहला सामना ही गड्ढे से। उससे बचे तो ठीक सामने दूसरा गड्ढा। संभले नहीं तो हादसा तय। अक्सर यहां वाहनों के पलटने और गड्ढों में फंसने से आवाजाही बाधित हो रही है। गुरुवार की दोपहर यहां एक मालवाहक के पलटने से लाखों की दवाइयां नष्ट हो गईं।
 आवाजाही बाधित हुई सो अलग। बुधवार की रात भी माल लदे दो ट्रक इन गड्ढों में पलटते-पलटते बचे थे। सड़क की खस्ताहाली के चलते कारोबार प्रभावित होने से औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी खासे नाराज हैं।
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बाटा मोड़ से चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट जाने वाली इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है लेकिन गड्ढों और कीचड़-फिसलन के चलते हालात ऐसे कि यहां दो पहिया वाहनों से गुजरना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। जिम्मेदार विभागों की बेपरवाही यहां कब-किस पर भारी पड़ जाए कोई ठीक नहीं रह गया है।
आते-जाते समय मालवाहक वाहनों के पलटने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इकाइयों तक माल ले आना-ले जाना मुश्किल हो गया है। गुरुवार को चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट स्थित गोदाम से दवाएं लादकर मैदागिन स्थित सप्तसागर मंडी के लिए निकला मालवाहक टैंपो-ट्राली मोड़ के गड्ढों से पार नहीं पा सका।
मालवाहक पलटने से उस पर लदी दवाएं कीचड़-पानी में गिरकर नष्ट हो गईं। यह स्थिति महज एक दिन की नहीं है, सड़क की खस्ताहाली के चलते यहां रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं लेकिन उद्यमियों को समुचित सुविधाएं मुहैया कराने का दावा करने वाला प्रशासन और संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। 
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