रास्ते बंद, फोन भी ठप, लगा कि सिर पर मंडरा रही है मौत
रास्ते बंद हो गए थे और मोबाइल फोन भी ठप हो गए थे। घंटों मौत के साए में फंसे रहे। समझ में नहीं आ रहा था कि बचेंगे या नहीं। नेपाल त्रासदी में बचकर लौटे तीर्थयात्रियों ने पीडीडीयू जंक्शन पर ये बातें कहीं। शनिवार को महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों का जत्था पटना-पुणे एक्सप्रेस से नागपुर के लिए रवाना हुआ।
पुणे से तीर्थयात्री पशुपतिनाथ मंदिर में शिव महापुराण की कथा सुनने गए थे। बुधवार को सुबह रसुवा की भोटेकोशी/ त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन प्रभावित हुए। दहशत के बीच लोग रास्ते में घंटों फंसे रहे। रक्सौल बॉर्डर पहुंचे तब सुरक्षित भारत पहुंचने की उम्मीद जगी।