प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार ने बुधवार को भिखारीपुर स्थित एमडी कार्यालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मीटर रीडिंग में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। कहा कि अगर रीडिंग में लापरवाही हुई तो संबंधित एजेंसी से लेकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बिजली विभाग की ओर से इन दिनों बिल का भुगतान न करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे छापेमारी अभियान को भी प्रमुख सचिव ने गंभीरता से लिया। बताया कि छापेमारी के नाम पर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न न किया जाए। बैठक में उन्होंने बगैर पहचान पत्र के छापेमारी न करने का निर्देश दिया। कहा कि प्रदेश में हर महीने 4500 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जाती है इसके सापेक्ष केवल 3300 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली ही होती है। हर महीने विभाग को 1200 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। बताया कि 280 करोड़ रुपये सेलरी में चला जाता है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन की वजह से विभाग को 400 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस समय 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी जा रही है लेकिन 3.31 रुपये ही वापस मिल पा रहा है। एसडीओ से लेकर एमडी तक के अधिकारियों को प्रमुख सचिव ने बताया कि वाराणसी में ग्रामीण इलाके में सबसे अधिक 10 प्रतिशत लाइन लॉस हो रहा है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से इस तरह का साफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है, जिससे कि लोग बिजली के मीटर को रिचार्ज करा सकेंगे। बिल का समय से भुगतान न करने पर अपने आप आपूर्ति ठप हो जाएगी। इस दौरान एमडी के बालाजी, निदेशक वित्त सुधीर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।