बाद में जांच एजेंसी ने इस मृत्यु प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच के लिए नगर निगम में भी पत्र भेजा, जिसके बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अब तक की जांच में यह पता चला है कि बिना अस्पताल में जांच किए ही जल्दबाजी में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इसमें शामिल कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शहरी विकास मंत्रालय की स्वच्छतम पोर्टल पर शहर की सफाई से लेकर योजनाओं तक की जानकारी अपलोड करनी होगी। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत चौराहों के विकास, तकनीकी उपयोग, कूड़े का उठान, निस्तारण, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट आदि की अद्यतन स्थिति को बताना होगा।
इतना ही नहीं शहर से निकलने वाले हैवी मैटेरियल्स के निस्तारण का भी प्लान उसमें शामिल है। पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पोर्टल पर कालोनियों के नाम, संख्या, रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी, रैन बसेरा, पार्क, चौराहा, व्यापारिक क्षेत्रों के साथ ही नगर निगम की बाउंड्री को भी दर्शाना है।