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NEET UG: सगे भाई-बहन एक साथ नीट यूजी में हुए सफल, सरैया गांव का बढ़ाया मान; माता-पिता करते हैं ये काम

Sun, 19 Jul 2026 11:41 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।

सार

Mirzapur News: मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र के सरैया गांव के सगे भाई-बहन श्रेया सिंह और दिव्यांश सिंह ने नीट यूजी-2026 में सफलता हासिल की। श्रेया ने 605 अंक के साथ ऑल इंडिया रैंक 8581 और दिव्यांश ने 510 अंक के साथ रैंक 77692 प्राप्त की। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया।
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श्रेया सिंह और उनके भाई दिव्यांश सिंह। - फोटो : संवाद
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मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र की मठना ग्राम पंचायत स्थित सरैया गांव के सगे भाई-बहन ने नीट यूजी-2026 में एक साथ सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। श्रेया सिंह और उनके भाई दिव्यांश सिंह की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने दोनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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श्रेया सिंह ने अपने पहले ही प्रयास में 605 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 8581 हासिल की। उन्होंने वर्ष 2024 में केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू से हाईस्कूल और वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं उनके भाई दिव्यांश सिंह ने 510 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 77692 प्राप्त की। दिव्यांश ने वर्ष 2023 में केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू से हाईस्कूल और वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।

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श्रेया ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने नियमित रूप से प्रतिदिन छह से सात घंटे पढ़ाई की और कोचिंग के माध्यम से विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी लिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। उनका कहना है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में तैयारी से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

दोनों छात्रों की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। उनकी माता सुनीता सिंह काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता रमेश चंद्र सिंह ट्रॉमा सेंटर परिसर स्थित एक दवा की दुकान पर कार्य करते हैं। उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा और पढ़ाई का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया।

सगे भाई-बहन की एक साथ मिली इस सफलता से गांव में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों ने कठिन परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल कर अन्य विद्यार्थियों के सामने एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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