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काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अभी लागू होगा या नहीं ड्रेस कोड, पढ़ें ये खबर

Mon, 13 Jan 2020 07:32 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
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वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने को लेकर भाजपा नेता और प्रदेश के मंत्री नीलकंठ तिवारी ने ट्वीट किया है, जिस पर उन्होंने कहा है कि अभी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की कोई योजना नहीं है।

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राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार पर्यटन नीलकंठ तिवारी ने ट्वीट किया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर मे अभी कोई ड्रेस कोड नहीं लागू है और न लागू करने की योजना है! विद्वानों ने सुझाव दिया है, ड्रेस कोड का कोई निर्णय नहीं लिया गया है!
वहीं वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने भी मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में आगंतुकों के लिए एक ड्रेस कोड के बारे में कई मीडिया आउटलेट रिपोर्ट ले रहे हैं। मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ बताता हूं कि ऐसा कोई औपचारिक प्रस्ताव अब तक विचाराधीन नहीं है।

 

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उन्होंने कहा कि काशी विदित परिषद के कुछ सदस्यों द्वारा एक मौखिक सुझाव दिया गया था, इस पर चर्चा की गई थी लेकिन हमें कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। 

रविवार को कमिश्नरी सभागार में मंदिर प्रशासन और काशी विद्वत परिषद की बैठक हुई थी। बैठक की अध्यक्षता धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने की। उन्होंने काशी विद्वत परिषद के सदस्यों के सामने स्पर्श दर्शन की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रस्ताव रखा।

इस दौरान विद्वत परिषद के सदस्यों ने उज्जैन स्थित महाकाल ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम और सबरीमाला के मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकाल में भस्म आरती के समय विग्रह स्पर्श करने वाले बिना सिला हुआ वस्त्र धारण करते हैं। बाकी श्रद्धालु केवल दर्शन पूजन करते हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
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अर्चकों के लिए भी ड्रेस कोड का सुझाव
विद्वत परिषद ने अर्चकों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित करने का सुझाव मंदिर प्रशासन को दिया। उन्होंने कहा कि अर्चकों के लिए चौबंदी और बगलबंदी वाली ड्रेस निर्धारित की जाए। इससे भीड़ में भी वह आसानी से पहचाने जा सकेंगे। मंत्री ने विद्वानों के इस प्रस्ताव को जल्द लागू कराने पर सहमति जताई।
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