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समेकित चिकित्सा प्रणाली पर जोर देने की जरूरत

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इंडियन चेस्ट सोसाइटी और नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन की ओर से छाती रोग विशेषज्ञों की चार दिवसीय वैज्ञानिक कांग्रेस नैपकॉन 2021 का उद्घाटन बृहस्पतिवार को ट्रेड फेसिलिटी सेंटर बड़ालालपुर में हुआ। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा भेजे गए संदेश को भी लोगों को सुनाया गया।
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एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने उद्घाटन करने के साथ ही चिकित्सकों को बदलते समय के साथ नई तकनीक के माध्यम से मरीजों के इलाज के बारे में बताया। इसके अलावा शहर के अलग-अलग होटलों में चले सत्रों में लखनऊ, दिल्ली सहित अन्य जगहों से आए चिकित्सकों ने कोरोना काल में संक्रमित मरीजों के उपचार के साथ ही अस्थमा, फेफड़े में संक्रमण सहित अन्य बिंदुओं पर अपनी बात रखी। कोविड कंट्रोल के लिए बनी सलाहकार समिति में बतौर सदस्य केजीएमयू से पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड प्रो. वेद प्रकाश ने क्रिटिकल मरीजों के उपचार से जुड़े बिंदुओं की चर्चा की। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के आईसीयू इंचार्ज प्रो. ध्रुव चौधरी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद कई तरह की बीमारियां सामने आने लगी है, इसके लिए समेकित चिकित्सा प्रणाली पर जोर देने की जरूरत है। कहा कि ट्रामा के साथ ही सांपों के काटने आदि घटनाओं में भी आईसीयू में आने वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देना होगा। इस दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. जेके सामरिया, रिसेप्शन कमेटी के चेयरमैन प्रो. जीएन श्रीवास्तव के साथ ही डॉ. कुमार उत्सव, डॉ. मोहित भाटिया आदि लोग मौजूद रहे।
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