मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु
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‘सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके’ की गूंज विंध्याचल की गलियों में बुधवार की शाम से ही शुरू हो गई। मां विंध्यवासिनी के जयघोष के साथ बुधवार से नवरात्र मेला शुरू हो गया। प्रतिपदा नवरात्र के एक दिन पहले लगने के कारण बुधवार शाम से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लग गई।
पहले दिन दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। मेले को सुचारु रूप से चलाने के लिए आठ सौ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेले में सुरक्षा की कमान एएसपी को दी गई है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
कालीखोह और मां अष्टभुजा के मंदिरों को भी फूल-माला और झालरों से सजाया गया है। उधर, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज की 50 अतिरिक्त बसें चलाई गई हैं। हर 15 मिनट पर इलाहाबाद और वाराणसी के लिए बसें उपलब्ध रहेगी। बहुत सी ट्रेनों के भी ठहराव किए गए हैं।
आम श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वीआईपी के दर्शन का समय शाम तीन से छह बजे तय कर दिया गया है। गुरुवार से कालीखोह के मोड़ स्थित कथा स्थल पर मोरारी बापू की कथा भी होगी। वे शाम चार बजे से श्रीराम कथा करेंगे।